History

श्री अखण्ड विश्वंभरानन्द संत आश्रम लहर गिर्द सीपरी बाजार झाँसी की स्थापना 30 जून 1994 की आषाढ़ कृष्ण सातें गुरूवार को श्री श्री 1008 स्वामी विश्वंभरानन्द जी के करकमलों द्वारा हुई | इस आश्रम की स्थापना में श्री कुँअर नारायण सिंह यादव का संकल्प एवं भक्तों की प्रेरणा थी | इसमें झाँसी एवं परम पूज्य गुरुदेव स्वामी विश्वंभरानन्द जी के लगभग सभी भक्तों ने सहयोग किआ जिसमें मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के निवासी सम्मिलित हैं | झाँसी के श्री जगदीश नारायण मिश्रा उनके पुत्र श्री राजेन्द्र कुमार मिश्रा, श्री सीतल प्रसाद त्रिपाठी, आदि भक्तों का विशेष परिश्रम रहा |

इसका संचालन अखण्ड विश्वंभरानन्द संत आश्रम धर्मार्थ समिति द्वारा किआ जाता है | 24 जनवरी 1996 में परम पूज्य गुरुदेव स्वामी विश्वंभरानन्द जी शरीर ब्रह्मलीन होने के बाद उनके उत्तराधिकारी ब्रह्मलीन श्री श्री 1008 स्वामी वेदानन्द जी एवं श्री श्री 1008 स्वामी हीरानन्द जी बनाये गए |

ब्रह्मलीन स्वामी वेदानन्द जी का शरीर 19 जुलाई 2018 में शांत होने के बाद उनके स्थान पर स्वामी केशवानन्द जी गद्दी पर बिराजमान हैं |

ब्रह्मलीन स्वामी वेदानन्द जी ने सन 2000 में अपने पुरुषार्थ से हरिद्वार में इसी नाम से एक और आश्रम की स्थापना की | हरिद्वार आश्रम का संचालन स्वामी केशवानन्द जी करते हैं एवं उनका अधिकांश समय आश्रम की देख-रेख में व्यतीत होता है |

धर्मार्थ समिति के वर्तमान अध्यक्ष श्री आर0 के0 मिश्रा हैं और प्रबंधक व मंत्री स्वामी शुकदेवानंद जी हैं | जो इस आश्रम की व्यवस्था समिति सहयोग से चला रहे हैं |